संगीत क्या है?? एक ब्यख्या...

संगीत क्या है??येसे यह नृत्य, वादन और गायन की मिश्रण है। ललीत कला की श्रेष्ठ कृति है।लेकिन अगर डुबकी मारना है तो इसे समझना पड़ेगा। ऐसे दुनिया मे संगीत का बहुत स्वरूप आवर ब्याख्या है। शिरर्फ भारत मे संगित दो तरह होती है। जैसे हिंदुस्तनि ओर कर्नाटकी। सबसे पहले हमे #हिंदुस्तानी #संगीत की बारे में पता करते हैं। यह १२ स्वरों,२२ स्मृति,१२स्केल, गमक,१० थाट, १०ताल,ठेका,सम, ताली, खाली,राग, जाती, बादि, समबादी, संचारी,वक्त, घसीट,५ स्वर सप्तक,लय, छोटा ओर बड़ा ख्याल ,आलाप, तान, ठुमरी,बक्र स्वर की समाहार है।
यंत्र संगित ,जैसे बंशी,हारमिनियम,बेहेला,गिटार,एसराज,पियानो,सन्तूर, बीणा, सारंगी में संगीत शास्त्र का समान उपयोग होता है।  फ़र्क शिर्फ़ इतनी है कि गायन में जो बन्दिश होति है, वह बादन में गत होती है।लेकिन पियानो ओर हारमिनियम में गमक और श्रीति की इस्तेमाल नामुमकिन है। लेकिन कर्ण स्वर इस्तेमाल करके इसकी भरपाई किया जाता है।
#पाश्चात्य #संगित में स्टाफ नोटिसन, ट्रायबल क्लेफ़, बेस कलेफ़, key सिग्नेचर, मीटर सिग्नेचर, कोर्ड का इस्तेमाल होता है। जैसे बार ,मेजर, माइनर, मेजर 6, माइनर 6, 7, मेजर 7, माइनर 7, ऑग्मेंटेड, ससपेंडद, 9, 13 कॉर्ड इस्तेमाल किया जाता। ऐसे 10  स्केल इस्तेमाल किया जाता। जैसे मेजर, माइनर, हार्मोनिक, मेलोदिक, ब्लू, क्रोमाटिक स्केल होती है। तार बाद्य में जैसे गिटार में ट्रिमोलो, रोम्बो, अर्पेजीओ, पिकाडो का इस्तेमाल होता है। वायलिन में लेगाटो, स्टाकटो का इस्तेमाल होती है।
सबसे बड़ी बात वेस्टर्न म्यूजिक हार्मोनिक होती है। हार्मोनिक ,यानी ज्यादा स्वर की समाहार में गाना बजाई जाती है और भारतीय संगीत मेलोदिक यानी हरेक स्वर की ऊपर तब्बजो दिया जाता है।
बस अपनी लम्बी अनुभब ओर बहुत सारे मेरे गुरूओं के कृपा से में संगित सागर की एक बिन्दु की ब्यख्या किया। अगर कुछ त्रुटि होगा , ज्ञानी जन मुझे आप मार्गदर्शन दे सकते। धन्यवाद। ©मनोरंजन मिश्र।

Comments